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भाजपा के सांसद और विधायक ने उठाई उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की मांग
जब प्रदेश में सरकार थी तब बनवा नहीं पाए, अब कांग्रेस सरकार से उम्मीद
उज्जैन। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग उठाई है। सांसद ने इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्घन से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा। कहा कि संभागीय मुख्यालय उज्जैन मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सारे मापदंडों की पूर्ति करता है। यहां 1200 बेड के सरकारी अस्पताल हैं। चरक अस्पताल के पास 200 एकड़ जमीन भी है, जहां कॉलेज की बिल्डिंग बनाई जा सकती है।
जवाब में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर ही आगे की कार्रवाई निर्भर होगी। मप्र सरकार से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव मांगेंगे। अगर प्रस्ताव आया तो फिर कोई अड़चन नहीं आएगी। इधर, विधायक मोहन यादव ने उज्जयिनी विकास परिषद के साथियों के साथ सोमवार को कोठी पैलेस पहुंच प्रभारी कलेक्टर प्रतिभा पाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने उज्जैन में शासकीय मेडिकल कॉलेज, कृषि कॉलेज खोलने समेत शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने, माधवनगर अस्पताल को सुविधाओं से परिपूर्ण करने, पुराने कलेक्टर भवन को हेरिटेज भवन में परिवर्तित करने की मांग उठाई। साथ ही शिकायत की कि नगर निगम से अनुबंधित टाटा प्रोजेक्ट्स कंपनी ने शहर में सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए जो गड्ढे खोदे हैं, उन्हें कंपनी भर नहीं रही है। वर्षाकाल प्रारंभ हो गया है, ऐसे में इन गड्ढ़ों से जान-माल का खतरा बना हुआ है। डॉ. संजय वर्मा, डॉ. सुशील खंडेलवाल, जीएल परमार, कल्याण शिवहरे, अभिलाष श्रीवास्तव, मुकेश सोनी उपस्थित थे। सांसद और विधायक की मांग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब कॉलेज नहीं खुलवा सके। अब कांग्रेस सरकार के समय यह मांग उठाई जा रही है।
तीन साल पहले कलेक्टर ने शासन को भेजा था प्रस्ताव
तीन साल पहले तत्कालीन कलेक्टर कवींद्र कियावत ने बंद हो चुकी बिनोद-विमल मिल की जमीन पर शासकीय मेडिकल कॉलेज खोजने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। 31 जनवरी 2016 को तत्कालीन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मौखिक स्वीकृति भी दी थी। कहा था कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 400 बेड के अस्पताल की अनिवार्यता है, मगर उज्जैन में सिंहस्थ मद से 450 बेड का चरक अस्पताल बन जाने से अब शहर की क्षमता जिला अस्पताल और माधवनगर अस्पताल के बेड की संख्या जुड़ जाने के बाद 900 बेड से ज्यादा हो गई है।